धनतेरस का पर्व हर साल दीपावली से दो दिन पहले मनाया जाता है। यह दिन मां लक्ष्मी और भगवान धनवंतरी को समर्पित होता है। इस दिन को धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, इसलिए लोग सोना, चांदी, बर्तन या नए सामान की खरीदारी करते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं, इस दिन की गई कुछ छोटी-छोटी गलतियां मां लक्ष्मी की कृपा को रोक सकती हैं? आइए जानते हैं वे 5 गलतियां जो धनतेरस के दिन भूलकर भी नहीं करनी चाहिए 👇
⚠️ 1. झाड़ू या कूड़ा-कचरा घर से बाहर ना निकालें
धनतेरस के दिन झाड़ू या कूड़ा बाहर निकालना शुभ नहीं माना जाता। यह इस बात का प्रतीक है कि आप अपने घर से लक्ष्मीजी को बाहर कर रहे हैं। इस दिन सफाई तो करें, लेकिन कूड़ा शाम के बाद न फेंकें।
⚠️ 2. किसी को उधार या पैसा ना दें-लें
धनतेरस को धन का दिन कहा जाता है। इस दिन किसी को पैसा उधार देना या लेना आर्थिक दुर्भाग्य का संकेत माना जाता है। ऐसा करने से सालभर पैसों की कमी बनी रह सकती है। इसलिए इस दिन उधारी से बचें और केवल खरीदारी करें।
⚠️ 3. घर में अंधेरा बिल्कुल ना रहने दें
धनतेरस की शाम को घर के हर कोने में दीपक जलाना चाहिए। यह मां लक्ष्मी का स्वागत करने का प्रतीक है। कहा जाता है कि अंधेरा रहने पर मां लक्ष्मी घर में प्रवेश नहीं करतीं। इसलिए दरवाजे, रसोई और पूजा स्थल पर दीप जरूर जलाएं।
⚠️ 4. बिना स्नान या गंदे कपड़ों में पूजा ना करें
धनतेरस पर मां लक्ष्मी और भगवान धनवंतरी की पूजा से पहले स्नान करना और साफ कपड़े पहनना अनिवार्य है। मां लक्ष्मी को स्वच्छता और सुगंध बहुत प्रिय है। इसलिए पूजा से पहले शुद्धता का ध्यान अवश्य रखें।
⚠️ 5. खाली हाथ पूजा स्थल पर ना जाएं
पूजा के समय हाथ में दीपक, पुष्प या मिठाई लेकर ही जाएं। खाली हाथ पूजा करना अपूर्ण माना जाता है और इससे पूजा का फल अधूरा रह सकता है। मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए भक्ति और समर्पण के साथ पूजा करें।
